मध्यप्रदेश के करीब 99 हजार शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पुरानी पेंशन से जुड़े मामले में सरकार के फैसले को पलटते हुए उनके पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है।
2018 में संविलियन के बाद उठा था विवाद
मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति पुरानी पेंशन योजना लागू रहने के दौरान पंचायत विभाग में हुई थी। वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद उन्हें नई पेंशन योजना के दायरे में शामिल कर दिया गया। शिक्षकों का तर्क था कि उनकी सेवा निरंतर रही है, इसलिए उन्हें पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार की पुनर्विचार याचिका की तैयारी
रिपोर्टों के अनुसार, हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने इस निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी की थी। ऐसे में शिक्षकों को पुरानी पेंशन का वास्तविक लाभ मिलने की प्रक्रिया अभी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर है।
क्या होगा फायदा?
* पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है।
* सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन संबंधी सुरक्षा मिलेगी।
* लंबे समय से लंबित पेंशन विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ेगी।










