पटना: बिहार सरकार ने अनुपूरक बजट में सामाजिक सुरक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दी है। सरकार ने बजट में सबसे बड़ा खर्च पेंशन योजनाओं के लिए प्रस्तावित किया है, जबकि केंद्र से मिले करीब ₹12,677 करोड़ की राशि का इस्तेमाल रोजगार और विकास से जुड़ी योजनाओं में किया जाएगा।
अनुपूरक बजट के जरिए सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। राज्य में बड़ी संख्या में लोग इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और सरकार पात्र लाभार्थियों तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।
पेंशन योजनाओं को मिली प्राथमिकता
बिहार सरकार का फोकस सामाजिक कल्याण योजनाओं पर बढ़ा है। पेंशन मद में ज्यादा राशि रखने का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार पहले ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत लाभार्थियों को सीधे बैंक खातों में राशि भेजने की व्यवस्था लागू कर चुकी है।
रोजगार और विकास योजनाओं पर खर्च होगी बड़ी राशि
केंद्र से प्राप्त ₹12,677 करोड़ की राशि का इस्तेमाल रोजगार बढ़ाने, विकास परियोजनाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली योजनाओं में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है।
युवाओं और जरूरतमंदों को राहत की उम्मीद
बजट में रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा को प्रमुख स्थान दिया गया है। इससे युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ गरीब और कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य
बिहार सरकार अनुपूरक बजट के माध्यम से एक तरफ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर रोजगार और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी में है। सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से राज्य में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।










