उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में पिछले करीब सात दिनों से मानसून सक्रिय है। जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से जहां नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहीं खेती-किसानी के लिए बारिश राहत लेकर आई है।
खेतों में बढ़ी नमी, किसानों को राहत
बारिश का सबसे सकारात्मक असर खरीफ फसलों पर दिखाई दे रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से किसानों की चिंता काफी हद तक दूर हुई है। किसानों को उम्मीद है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह बना रहा तो फसलों की स्थिति बेहतर होगी और कृषि उत्पादन के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी।
नदी-नाले उफान पर
लगातार बारिश के कारण जिले की छोटी-बड़ी जलधाराओं में पानी का बहाव तेज हो गया है। कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों और जलस्रोतों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जोहिला डैम के जलस्तर पर नजर
बारिश के चलते जलाशयों और बांधों में पानी की आवक भी बढ़ी है। जोहिला डैम के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलकर पानी छोड़े जाने को लेकर भी प्रशासन सतर्क है, ताकि आसपास के इलाकों में अचानक जलभराव या बाढ़ की स्थिति न बने।
किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद
लगातार बारिश से किसानों को इस खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। हालांकि, अत्यधिक बारिश भी फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए खेतों में जलनिकासी और मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल उमरिया में बारिश ने किसानों को राहत दी है। खेती के लिए पर्याप्त नमी मिलने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है, जबकि प्रशासन नदी-नालों, बांधों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।










