लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट लगभग दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी प्रदान की गई है। यह फैसला यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बोर्ड की बैठक में औद्योगिक अवसंरचना के विस्तार, नई औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने तथा निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। बढ़े हुए बजट का बड़ा हिस्सा नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, सड़क, बिजली, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण पर खर्च किया जाएगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित करना है, ताकि अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो, रोजगार के नए अवसर सृजित हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। इसके तहत फतेहपुर सहित कई स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को भी मंजूरी दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में इस वृद्धि से प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी मिलेगी, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और “मेक इन यूपी” अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। सरकार का फोकस आधुनिक औद्योगिक पार्क, बेहतर लॉजिस्टिक्स और विश्वस्तरीय औद्योगिक सुविधाओं के निर्माण पर है, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक निवेश केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।









