कजरी तीज पर हर महिला के लिए व्रत नहीं है जरूरी, जानें किन्हें रखना चाहिए परहेज

हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026, सोमवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं। वहीं, कई स्थानों पर अविवाहित कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करती हैं।

किन महिलाओं को कजरी तीज का व्रत नहीं रखना चाहिए?
कजरी तीज का व्रत कई जगह निर्जला रखने की परंपरा से जुड़ा है। ऐसे में हर महिला के लिए लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहना उचित नहीं माना जाता। खासकर गर्भवती महिलाओं, गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं, कमजोरी या डिहाइड्रेशन की समस्या वाली महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अपनी क्षमता के अनुसार ही व्रत रखने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा जो महिलाएं नियमित रूप से ऐसी दवाएं लेती हैं जिन्हें भोजन या पर्याप्त पानी के साथ लेना जरूरी है, उन्हें भी बिना चिकित्सकीय सलाह के निर्जला उपवास नहीं करना चाहिए।

क्या कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं व्रत?
कजरी तीज केवल सुहागिन महिलाओं तक सीमित नहीं मानी जाती। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अविवाहित कन्याएं भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर मनचाहे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत कर सकती हैं। हालांकि उनके लिए निर्जला व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता और कई स्थानों पर फलाहार के साथ व्रत करने की परंपरा है।

कजरी तीज पर इन नियमों का रखें ध्यान
व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनने और व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं, जबकि माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद कजरी तीज की कथा सुनने और आरती करने की परंपरा भी है।

धार्मिक मान्यताओं में व्रत का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति माना गया है। इसलिए स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाकर व्रत करना आवश्यक नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

नोट: कजरी तीज से जुड़े नियम और परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं। ऊपर दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारियों पर आधारित है।

Related Posts

200 फरियादियों से मिले सीएम योगी, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक

Read More

सुशासन के लिए जनसमस्याओं का समाधान जरूरी, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किया अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Read More

200 फरियादियों से मिले सीएम योगी, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों से उनकी शिकायतों

Read More »

कजरी तीज पर हर महिला के लिए व्रत नहीं है जरूरी, जानें किन्हें रखना चाहिए परहेज

हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।

Read More »

सौरव गांगुली और पत्नी डोना को धमकी, परिवार की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को कथित तौर पर धमकी भरा पत्र मिलने से हड़कंप मच गया है। पत्र

Read More »

देर रात रांची में छात्रों पर कार्रवाई, चोटों की तस्वीरों से बढ़ा विवाद

रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन से सामने आई तस्वीरों में कुछ

Read More »

सुशासन के लिए जनसमस्याओं का समाधान जरूरी, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किया अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य है कि

Read More »

मध्यप्रदेश में बारिश की स्थिति की सीएम डॉ. यादव ने की समीक्षा, संवेदनशील जिलों में बढ़ाई सतर्कता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में कम वर्षा और कुछ जिलों में बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की।

Read More »