ऋग्वेद से जुड़ी है श्री जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा

ऋग्वेद से जुड़ी है श्री जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा
जगत- अर्थात शरीर, जो क्षयशील है, नाथ- शरीर में स्थित अक्षय आत्मा अर्थात जगत में दृश्यमान प्रत्येक जीव जगन्नाथ का स्वरूप है। जगत- अर्थात दृश्यमान प्रकृति, नाथ- प्रकृति को आलोक प्रदान करने वाले सूर्यनारायण। जगत- अर्थात सोमतत्व, नाथ-अर्थात अग्नि। वह अग्नि ही जगन्नाथजी का स्वरूप है। इसका स्पष्ट उल्लेख गीता में पंचदश अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने किया है।

वेद में कहा गया “अग्निसोमात्मकं जगत”। ‘अग्निर्ह च वृषभश्च धेनुः’ इस ऋग्वेद मंत्र के अनुसार श्रीजगन्नाथ अग्निस्वरूप वृषभ हैं और आल्हादिनी शक्ति राधा अथवा लक्ष्मी जगत रूपी धेनु स्वरूपा है। निरुक्त में विष्णु के लिए ‘नराशंस’- शब्द का प्रयोग हुआ हैं। नरान् शंसते इति विष्णुः। अग्निर्वा अर्थात जो मनुष्यों के द्वारा स्तुति योग्य हो, वह जगन्नाथ हैं। श्रीजगन्नाथ-परब्रह्म परमात्मा, श्रीवलभद्र-जीवात्मा, श्रीसुभद्रा-मायाशक्ति, श्रीसुदर्शन- क्रियाशक्ति के रूप में विद्यमान है।

श्रीजगन्नाथ-अग्नितत्त्व का प्रतीक हैं (पुरुषशक्ति), अन्य सभी शक्तियां- जलतत्व का प्रतीक हैं, जो उनका ही अंश है (स्त्रीशक्ति)। यथा-स्वरूपशक्ति (बलभद्र), मायाशक्ति (सुभद्रा), तटस्थशक्ति (सुदर्शन)। पुरुषोत्तम श्रीजगन्नाथ महाप्रभु ही सकलजगत का सृष्टि का कारण हैं – यह बताकर श्रीभाष्य के रचयिता विशिष्टाद्वैतवाद के वैष्णवसंप्रदाय के आचार्य रामानुजाचार्य ने श्रीजगन्नाथ जी को वैष्णवधर्म का केंद्रबिंदु के रूप मे स्वीकार किया। चतुर्द्धामूर्तियों के बारे में उनका मत हैं- जगन्नाथ- वासुदेव (परमात्मा), वलभद्र-संकर्षण (जीव), सुभद्रा – प्रद्युम्न (मन), सुदर्शन- अनिरुद्ध (अहंकार)।

आर्तिक को वासुदेव स्वरूप, अर्थार्थी को संकर्षण स्वरूप, जिज्ञासु को प्रद्युम्न, ज्ञानी को अनिरुद्ध का स्वरूप माना गया हैं। द्वैतवाद का ब्रह्म संप्रदाय के आचार्य आनंदतीर्थ ने पूर्णप्रज्ञभाष्य में वताया हैं कि श्री जगन्नाथ स्वयं साक्षात विष्णु और ब्रह्म स्वरूप हैं। महालक्ष्मी उनका शक्ति हैं। शुद्धाद्वैतवाद के आचार्य वल्लभाचर्य अणुभाष्य में श्री जगन्नाथ जी को आक्षरब्रह्म एवं श्रीकृष्ण के रूप में स्वीकार किया। माध्ववेदांत के समर्थक गौड़ीय वैष्णवधर्म के आचार्य श्रीचैतन्य महाप्रभु ने श्रीजगन्नाथ जी को राधाकृष्ण का सम्मिलित रूप माना है। ओडिआ भागवत के रचयिता अतिवडी जगन्नाथ दास ने जगन्नाथ जी को श्रीकृष्ण माना।

द्वैताद्वैतवाद के प्रवर्तक आचार्य निंबार्क ने वेदांतपारिजात भाष्य में श्री जगन्नाथ जी को सगुण साकार ब्रह्म के रूप में वर्णन किया। उनके मत में श्री जगन्नाथ जी उत्पत्ति, स्थिति, संहार, नियमन, ज्ञान, आवरण, बंध तथा मोक्ष के कर्ता हैं। आचार्यशंकर के अद्वैत दर्शन में चार मुख्य तत्त्व हैं – १.ब्रह्म (जगन्नाथ), २.जीव (बलभद्र), ३. माया (सुभद्रा) ४. सुदर्शन (जगत)। जीव और ब्रह्म एक है, यह वैदिक सिद्धांत हैं – जीवब्रह्मैवनापरः, जीवतस्तत्प्रजायते (बृह.उप-३.९.३२) अहं ब्रह्मास्मि (बृह.उप-१.४.१०) । जैसे सभी नदी समुद्र में अपने अस्तित्व को खो देते है, इस प्रकार माया द्वारा जीव अलग प्रतीत होते हुए भी ब्रह्म ही हैं। वस्तु में अवस्तु का केवल मात्र आरोप हैं।

Related Posts

मुस्कुराकर टाल देते हैं बात, लेकिन कभी नहीं भूलते अपमान! मूलांक 4 और 8 वालों की जानें खासियत

अंक ज्योतिष में हर मूलांक के व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व को अलग-अलग विशेषताओं से जोड़कर देखा जाता है। कुछ

Read More

बंगाल में अगले साल होंगे छात्रसंघ चुनाव, CM शुभेंदु अधिकारी बोले- ‘दिमागी नक्सलियों की जड़ें उखाड़ फेंकेंगे’

पश्चिम बंगाल की राजनीति में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले साल

Read More

राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बड़ा दावा, बोले- वोट चोरी के हमारे पास सबूत

वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी

Read More

मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और

Read More

मुस्कुराकर टाल देते हैं बात, लेकिन कभी नहीं भूलते अपमान! मूलांक 4 और 8 वालों की जानें खासियत

अंक ज्योतिष में हर मूलांक के व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व को अलग-अलग विशेषताओं से जोड़कर देखा जाता है। कुछ लोगों के बारे में माना

Read More »

बंगाल में अगले साल होंगे छात्रसंघ चुनाव, CM शुभेंदु अधिकारी बोले- ‘दिमागी नक्सलियों की जड़ें उखाड़ फेंकेंगे’

पश्चिम बंगाल की राजनीति में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले साल राज्य में छात्रसंघ चुनाव कराने

Read More »

राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बड़ा दावा, बोले- वोट चोरी के हमारे पास सबूत

वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से

Read More »

मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी

Read More »

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में इंटरेक्टिव सेशन को किया संबोधित, निवेश और औद्योगिक विकास पर दिया जोर

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास, व्यापारिक

Read More »

मुंबई में 7 देशों के काउंसल जनरल और राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की राउंडटेबल बैठक

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठक की। बैठक का उद्देश्य

Read More »